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Sunday 24 November 2013

अपने–पराये


क्या जानू ?

क्या मानू?

क्या पहचानू?

क्या ना जानू, ना मानू, ना पहचानू ?

ओह तुम सब सबसे नीचे

सब थे अपने

पर अब हो पराये।


२४ दिसंबर २००३ को www.anubhuti-hindi.org पर प्रकाशित ।

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