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Thursday, 28 November 2013

उषा पान


लक्ष्मी की महिमा देखो

अचरज भरा करिश्मा देखो

जवानी की लत को बुढ़ापे में छोड़ा

उषःपान तज

‘बेड टी’ से नाता जोड़ा ।



२४ दिसंबर २००३ को www.anubhuti-hindi.org पर प्रकाशित ।

Sunday, 24 November 2013

विनिमय



वर्षांत में
एक संपादक ने
रोकड़ मिलाया –
व्यावसायिक पत्र के
साहित्य संपादक की
छह रचनाएँ छापकर
पाँच बार वहाँ
खुद को छपाया ।


२४ दिसंबर २००३ को www.anubhuti-hindi.org पर प्रकाशित ।

Friday, 15 November 2013

नकली



नकली
सब नकली।
असली
बस हम असली।



२४ दिसंबर २००३ को www.anubhuti-hindi.org पर प्रकाशित ।

चोर



एक चोर
चर्चा के बीच
टांग अड़ा कर बोला :
‘साला, जमाना ही सारा
चोर है’



२४ दिसंबर २००३ को www.anubhuti-hindi.org पर प्रकाशित ।

काला बाजार



एक भव्य सेमिनार
‘काले धन के काले कारनामें’
विषय पर आयोजित करवाया
ठेकेदारों–काला बाजारियों से ही
उन्होंने
सहयोग–सौजन्य
जमकर जुटाया।



२४ दिसंबर २००३ को www.anubhuti-hindi.org पर प्रकाशित ।